Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
नवजात शिशॠके सिर का अलग-अलग व अजीब सा आकार होना à¤à¤•दम सामानà¥à¤¯ बात है। शिशà¥à¤“ं की खोपड़ी की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ नरà¥à¤®-लचीली होती हैं, ताकि पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान संकरे जनन मारà¥à¤— से सिकà¥à¤¡à¤¼ कर निकलने में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आसानी हो। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में मोलà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग कहा जाता है। मोलà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग की वजह से नवजात की खोपड़ी पर पड़ने वाले हलà¥à¤•े दबाव के कारण उसका सिर शंकॠके आकार का या थोड़ा लंबा या फिर टेड़े-मेड़े आकार का दिख सकता है। शिशॠके सिर के नरम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ (सॉफà¥à¤Ÿ सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿ) के बंद होने और सिर की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मिलने और à¤à¤•-दूसरे से जà¥à¤¡à¤¼ जाने पर यह अजीब से आकार का सिर सà¥à¤µà¤¤: ही à¤à¤• समान हो जाता है। शिशॠके सिर पर दो नरम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ होते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कलांतराल (फॉनà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥‡à¤²) कहा जाता है। शिशॠके सिर के पीछे वाला कलांतराल छह सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में बंद हो जाता है। दूसरा नरम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ काफी पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· होता है। यह सिर के शीरà¥à¤· à¤à¤¾à¤— की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर हलà¥à¤•े से धंसे हà¥à¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ के रूप में आसानी से छूकर महसूस किया जा सकता है। यह आमतौर पर 18 महीनों से पहले बंद नहीं होता। ननà¥à¤¹à¥‡ शिशॠके सिर के पीछे का हिसà¥à¤¸à¤¾ समतल होना à¤à¥€ काफी आम है। à¤à¤¸à¤¾ सामानà¥à¤¯à¤¤: इसलिठहोता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशà¥à¤“ं को पीठके बल सà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जाता है, जिससे अकसà¥à¤®à¤¾à¤¤ शिशॠमृतà¥à¤¯à¥ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸) का खतरा कम होता है। शिशà¥à¤“ं में सिर के पीछे की तरफ या साइड में समतल हिसà¥à¤¸à¤¾ होने के अनà¥à¤¯ कारणों में शामिल हैं:समय से पहले जनà¥à¤®à¥¤ यदि आपके शिशॠका जनà¥à¤® समय से पहले हà¥à¤† था, तो उसकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ अà¤à¥€ पूरी तरह विकसित नहीं हà¥à¤ˆ होंगी और वे काफी नरम होगी। इसका मतलब है कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान पà¥à¤°à¤¸à¤µ नलिका से बाहर आते हà¥à¤ उसके सिर का आकार बिगड़ने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होगी। à¤à¤¸à¥‡ शिशà¥à¤“ं को अपने सिर का नियंतà¥à¤°à¤£ संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ में à¤à¥€ समय पर जनà¥à¤®à¥‡ शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक समय लगता है। इसलिठजब तक वे थोड़े बड़े नहीं हो जाते, वे अपने सिर पर किसी विशिषà¥à¤Ÿ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ से दबाव नही हटा पाते।गरà¥à¤ में à¤à¤• से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शिशà¥à¥¤ यदि आपके गरà¥à¤ में à¤à¤• से अधिक शिशॠपल रहे थे, तो यह à¤à¥€ शिशॠके सिर का आकार बिगड़ने की वजह हो सकती है। à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ कम होना (ओलिगोहाइडà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸)। यदि आपके à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ का सà¥à¤¤à¤° कम हो, तो शिशॠको हिलने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ नहीं मिलता और वह गरà¥à¤ के à¤à¥€à¤¤à¤° इतनी गदà¥à¤¦à¤®à¤¦à¤¾à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में नहीं रह पाता, जितना की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ में रहने वाले शिशॠहोते हैं। शिशॠके सिर के साइड में होने वाले समतल हिसà¥à¤¸à¥‡ को चिकितà¥à¤¸à¤•ीय à¤à¤¾à¤·à¤¾ में पà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¥‡à¤«à¥‡à¤²à¥€ कहा जाता है। यदि सिर के पीछे का हिसà¥à¤¸à¤¾ समतल हो तो इसे बà¥à¤°à¥‡à¤•िसेफेली कहा जाता है। हो सकता है शिशॠके सिर का आकार अजीब सा दिखे, मगर आमतौर पर यह कोई चिंता का विषय नहीं है। आप शिशॠके सोते समय, दूध पीते समय और खेलते समय उसके सिर की अवसà¥à¤¥à¤¾ में बदलाव करके उसे गोल आकार में आने में मदद कर सकती हैं। शिशॠकी अवसà¥à¤¥à¤¾ को बदलना काउंटर-पॉजिशनिंग या रीपॉजिशनिंग कहलाता है। इससे शिशॠके सिर के चपटे हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¤: ही सही आकार में आने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ मिलता है। शिशॠकी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठउसे हमेशा पीठके बल ही सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚। à¤à¤¸à¥‡ और à¤à¥€ तरीके हैं जिनसे आप शिशॠको सिर के समतल हिसà¥à¤¸à¥‡ पर दबाव डालकर न सोने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ कर सकती हैं:
जब आप शिशॠको पीठके बल लिटाà¤à¤‚, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें उसका सिर जिस तरफ से थोड़ा गोल है, उसे उसी साइड से गदà¥à¤¦à¥‡ पर लिटाà¤à¤‚।
यदि आपका शिशॠअपने छोटे पलंग में या मोजेज बासà¥à¤•ेट में सोता है, तो नियमित तौर पर इसकी दिशा अदल-बदल करती रहे, ताकि शिशॠहमेशा à¤à¤• ही दिशा में न देखता रहे। यदि वह कॉट या पालने में सोता है, तो उसे दिशा बदल-बदल कर सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚। याद रखें कि शिशॠके पैर उसके पलंग के पैताने को छूने चाहिà¤, ताकि à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸ के खतरे को कम किया जा सके।
यदि आपके शिशॠका सिर à¤à¤• तरफ से चपटा है, तो à¤à¤¸à¤¾ हमेशा à¤à¤• दिशा में सिर रखने से हो सकता है। आप à¤à¤¸à¥€ सà¤à¥€ चीजों की उस दिशा से हटाकर दूसरी तरफ लगा सकती हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠदेखना पसंद करता है।
जब à¤à¥€ संà¤à¤µ हो शिशॠको करवट लेकर सोने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ कीजिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ तब करना बेहतर है जब वह दिन में आपकी देखरेख में सो रहा हो या जगा हà¥à¤† हो या फिर अपनी बगà¥à¤—ी (पà¥à¤°à¥ˆà¤®) में हो। जब à¤à¥€ शिशॠकरवट लेकर लेटा हà¥à¤† हो, तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि उसकी बगल में à¤à¤¸à¥€ कोई चीज न हो, जो उसकी नाक के सामने बाधा बने और उचित तरीके से सांस लेने में अवरोध उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करे।
जब आपके शिशॠकी गरà¥à¤¦à¤¨ की मांसपेशियां मजबूत होने लगती हैं, तो उसे पेट के बल लिटाà¤à¤‚। पहली बार में à¤à¤¸à¤¾ केवल à¤à¤•-दो मिनट के लिठकरें। तीन महीने का होने तक शिशॠइतना सकà¥à¤·à¤® हो जाà¤à¤—ा कि आप पेट के बल लेटे शिशॠके साथ खेल सकेंगी। धीरे-धीरे पेट के बल लेटेने का समय बढ़ाकर दिन में तीन बार कम से कम 30 मिनट करें। हमारा टमी टाइम वीडियो दिखकर जाने कि शिशॠको पेट के बल लिटाने के सबसे बेहतर और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीके कà¥à¤¯à¤¾ हैं।
आप दिन के समय शिशॠको सà¥à¤²à¤¿à¤‚ग या कैरियर पर लेकर à¤à¥€ सà¥à¤²à¤¾ सकती हैं। अवसà¥à¤¥à¤¾ में यह बदलाव शिशॠके सिर पर पड़ने वाले दबाव से राहत देगा। सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिà¤, यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि जब शिशॠसà¥à¤²à¤¿à¤‚ग पर हो तब आप उसका माथा चूम पा रही हों। आप नीचे नजर करने पर शिशॠका चेहरा देख पा रही हों। सà¥à¤²à¤¿à¤‚ग को तना हà¥à¤† रखें, ताकि आपकी पीठको आधार मिले और यह à¤à¥€ देख लें कि शिशॠकी ठोड़ी उसकी छाती पर तो लगी हà¥à¤ˆ नहीं है।
शिशॠको खेलने के लिठअलग-अलग जगह पर लिटाà¤à¤‚। बेबी बाउंसर में शिशॠका सिर अलग तरह से सà¥à¤¥à¤¿à¤° रहता है, जबकि जमीन पर खेलते समय यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अलग होगी। सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ व अवसà¥à¤¥à¤¾ बदलने से शिशॠको नई-नई चीजें à¤à¥€ देखने को मिलेंगी।
यदि आप शिशॠको बोतल से दूध पिलाती हैं, तो हो सकता है आप उसे किसी à¤à¤• तरफ लिटाकर दूध पिलाना पसंद करती हों। शिशॠकी अवसà¥à¤¥à¤¾ इस बात पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° कर सकती है कि आप दाà¤à¤‚ हाथ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करती हैं या बाà¤à¤‚ का। मगर, समय-समय पर अवसà¥à¤¥à¤¾ बदलते रहने से उसे अपना सिर दोनों दिशाओं में मोड़ने का पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ मिलेगा।आम धारणा के बावजूद, इस बात का कोई पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं है कि शिशॠकी मालिश के दौरान सिर पर दबाव डालने से वह गोलाकर हो जाà¤à¤—ा। और तो और, शिशॠके सिर पर अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• दबाव डालने से उसे फायदे के बजाय नà¥à¤•सान हो सकता है। कà¥à¤› माà¤à¤à¤‚ मानती हैं कि घोड़े की नाल के आकार वाले तकिये पर शिशॠको सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ से उसका सिर गोल बनाने में मदद मिलती है। हालांकि, यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठतकिया इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने की सलाह नहीं दी जाती। किसी à¤à¥€ तरह का तकिया, मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ और आसानी से सिमट जाने वाली ओढने-बिछाने की चादर या कंबल आदि नजवात के वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— को बाधित कर सकते हैं, जिससे दम घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ का खतरा हो सकता है। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सडन इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट डेथ डेथ सिडà¥à¤°à¥‹à¤® यानि कॉट डेथ के साथ à¤à¥€ जोड़ा गया है। कà¥à¤› चिकितà¥à¤¸à¤•ीय उपाय à¤à¥€ हैं, जो शिशॠके सिर के आकार को बदल सकते हैं, जैसे कि फिजियोथैरेपी या हैलमेट थैरेपी।मगर, ये उपचार के à¤à¤•दम आखिरी विकलà¥à¤ª हैं। चिंता न करें, अधिकांश शिशà¥à¤“ं को उपचार की बिलà¥à¤•à¥à¤² जरà¥à¤°à¤¤ नहीं पड़ती। शिशॠके छह महीने का होने तक उसका सिर अपने आप ही गोल आकार का हो जाà¤à¤—ा। जब शिशॠबैठने लगता है, तो दिन में खोपड़ी पर पड़ने वाला दबाव कम हो जाता है और आप सà¥à¤µà¤¤: आकार में होने वाला अंतर देख सकेंगी। बहरहाल, यदि आप अब à¤à¥€ चिंतित हों, या आपको लगे कि शिशॠके सिर का टेढ़ा-मेढ़ा आकार काफी सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ दिखाई देने लगा है, तो शिशॠको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚। यदा-कदा, शिशॠके सिर के विकृत आकार का होने के अनà¥à¤¯ कारण à¤à¥€ हो सकते हैं। कà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤“साइनोसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, जिसकी वजह से शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ काफी पहले जà¥à¤¡à¤¼ जाती हैं। यदि आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° को à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› होने की आशंका हो, तो वे शिशॠको किसी विशेषजà¥à¤ž डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाने के लिठकहेंगे। यदि आपके शिशॠको à¤à¤• दिशा में सिर मोड़ने में बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशानी हो रही हो, तो à¤à¤¸à¤¾ गरà¥à¤¦à¤¨ की मांसपेशियां का à¤à¤• तरफ से कसे होने की वजह से हो सकता है टोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ॉलिस। à¤à¤¸à¥‡ मामले में, शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° उसे फिजियोथैरेपिसà¥à¤Ÿ के पास जाने की सलाह दे सकते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |